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History Online Test Dated 28.08.2018 for SSC, UPSC, UPPSC, UPSSSC, VDO, RO/ARO, Police etc exams

This is an Online Test Covering Modern History Questions for exams like SSC, UPSC, UPPSC, UPSSSC, VDO, RO/ARO, Police etc. Take test and evaluate your progress.
The test is available in two formats and both are as follows:


(Note: The mock Test format may be unavailable between 2.00 PM to 4.00 PM. Use http instead of https for accessing in Mock Test format)

 

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The Test is also available as follows: 

Welcome to Online Tests
Time Remaining:


Q1). चोल वंश के संदर्भ में निम्‍नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चोल वंश में मंदिर सिर्फ पूजा-आराधना के स्‍थान नहीं थे बल्कि वे आर्थिक, सामाजिक और सांस्‍कृतिक जीवन के केन्‍द्र भी थे।
2. चोल मंदिर प्राय: अपने आस-पास विकसित होने वाली बस्तियों के केन्‍द्र बन गए थे।
3. तंजावुर और गंगईकोंडचोलपुरम के बड़े मंदिरों का निर्माण राजाधिराज और विजयालय चोल द्वारा किया गया।
उपर्युक्‍त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?




Answer: A


Description:


Q2). अलाउद्दीन खिलजी के शासन के संदर्भ में निम्‍नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने सैनिकों के लिए सीरी नामक एक नया शहर बनाया।
2. अलाउद्दीन ने सैनिकों को नकद वेतन के स्‍थान पर ‘इक्‍ता’ देना तय किया।
उपर्युक्‍त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?




Answer: A


Description: कथन 2 सही नहीं है क्‍योंकि अलाउद्दीन ने सैनिकों को इक्‍ता के स्‍थान पर नकद वेतन देना तय किया। इसलिए विकल्‍प क सही उत्‍तर होगा।


Q3). उत्तराधिकार की मुगल परंपराओं के बारे में निम्‍नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुगल ज्‍येष्‍ठाधिकार के नियम में विश्‍वास करते थे जिसमें ज्‍येष्‍ठ पुत्र अपने पिता के राज्‍य का उत्तराधिकारी होता था।
2. मुगल उत्तराधिकार के संबंध में सहदायिकी की मुगल और तैमूर वंशों की प्रथा को अपनाते थे जिसमें उत्तराधिकार का विभाजन समस्‍त पुत्रों में कर दिया जाता था।
उपर्युक्‍त कथनों में से कौन से /सा सही हैं/है?




Answer: B


Description: कथन 1 सही नहीं है क्‍योंकि मुगल ज्‍येष्‍ठाधिकार के नियम में विश्‍वास नहीं करते थे जिसमें ज्‍येष्‍ठ पुत्र अपने पिता के राज्‍य का उत्तराधिकारी होता था।


Q4). दक्षिण भारत में उत्‍पन्न हुए भक्ति के नये प्रकार नयनार और अलवार के संदर्भ में निम्‍नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नयनार और अलवार संत सभी जातियों के थे जिनमें पुलैया और पनार जैसी अस्‍पृश्‍य समझी जाने वाली जातियों के लोग भी शामिल थे।
2. नयनार और अलवार बौद्धों और जैनों के कटु आलोचक थे और शिव तथा विष्‍णु के प्रति सच्‍चे प्रेम को मुक्ति का मार्ग बताते थे।
3. नयनार और अलवार ने संगम साहित्‍य में समाहित प्रेम और शूरवीरता के आदर्शों को अपनाकर भक्ति के मूल्यों में उनका समावेशन किया था।
उपर्युक्‍त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?




Answer: D


Description:


Q5). कपड़े की ‘बंडाना शैली’ के संदर्भ में निम्‍नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘बंडाना’ शब्‍द का इस्‍तेमाल गले या सिर पर पहनने वाले चटक रंग के छापेदार गलाबंद के लिए किया जाता है।
2. बंडाना शैली के वस्‍त्र अधिकांशत: बंगाल और महाराष्‍ट्र में बनाए जाते थे।
3. इस श्रेणी में चटक रंगों वाले ऐसी बहुत सारी किस्‍म के कपड़े आते थे जिन्‍हें बाँधने और रंगसाजी की विधियों से ही बनाया जाता था।
उपर्युक्‍त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?




Answer: A


Description: कथन 2 सही नहीं है क्‍योंकि बंडाना शैली के कपड़े अधिकांशत: राजस्‍थान और गुजरात में बनाए जाते थे। यह शब्द हिन्‍दी के ‘बांधना’ शब्‍द से निकला है।




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